अटल बिहारी वाजपेई:पूर्व प्रधानमंत्री जी की 25 जीवन कहानियां

  1. अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था अटल जी का परिवार मूल रूप से आगरा का रहने वाला था, अटल जी के पिता कृष्ण बिहारी वाजपेई ग्वालियर में शिक्षक थे जहां अटल जी का जन्म हुआ.
  2. अटल बिहारी वाजपेई जी ने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से B.A. और कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र में डिग्री ली थी. अटल जी ने m.a. के बाद कानपुर में ही LLB की भी पढ़ाई की थी लेकिन उसे बीच में ही छोड़ कर पत्रकारिता और सार्वजनिक कामों में लग गए DAV कॉलेज में जब अटल जी पढ़ाई कर रहे थे तब उनके पिता जी ने भी यही एडमिशन लिया था.
  3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने से पहले हिंदी में राजनीति श्याम विवाद के रूप में शुरुआत की थी लेकिन बाद में बाबासाहेब खाते से प्रभावित होकर 1939 में RSS से छोड़ कर उन्होंने साम्यवाद को छोड़ दिया, साल 1947 में अटल जी RSS के फुल टाइम वर्कर बन गए.
  4. अटल बिहारी वाजपेई जी और उनके भाई ने गांधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था जिसके कारण उन्हें 23 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था, उस समय उनकी उम्र 18 साल थी. इसके बाद अटल जी ने राजनीति में आने का फैसला ले लिया.
  5. अटल बिहारी वाजपेई जी बेहद कम उम्र में राजनीति से जुड़े, 1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जम्मू कश्मीर की यात्रा की.
  6. 1957 में अटल बिहारी वाजपेई महज 32 साल की उम्र में यूपी के बलरामपुर से चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे, 1957 का चुनाव वाजपेई जी ने तीन जगह से लड़ा था, लेकिन सिर्फ बलरामपुर से जीते.
  7. 1980 में जब जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी बन गई तब अटल जी को इसका पहला अध्यक्ष चुना गया, BJP आज जिस रूप में दिख रही है उसकी खनक वाजपेई के अध्यक्ष के तौर पर दिए गए भाषण में ही दिख गई थी.
  8. अटल बिहारी वाजपेई ऐसे राजनेता है जिन्होंने 10 बार लोकसभा चुनाव जीता और करीब 50 साल तक सांसद रहे, वाजपेई जी1957 से लेकर 2000 तक करीब 50 साल तक संसद के किसी ना किसी सदन में रहे. वाजपेई जी 10 बार लोकसभा चुनाव तो 1962 और 1986 में राज्यसभा के सदस्य रहे.
  9. देश की बागडोर संभालने वाले अटल बिहारी वाजपेई की गिनती देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में होती है, वाजपेई जी 1996 मैं 13 दिन 1998 से 1999 तक 13 महीने और फिर 1999 से 2004 तक पूरे 5 साल देश के प्रधानमंत्री रहे.
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  10. अटल बिहारी वाजपेई ने राजनीति से 2009 में सन्यास ले लिया, 25 दिसंबर 2014 को वाजपेई को उनके जन्मदिवस पर देश का सबसे बड़ा सम्मान “भारत रत्न” देने का एलान किया गया 27 मार्च 2015 को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भारत रत्न देने के लिए अटल जी के आवास पहुंचे, अटल जी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने के लिए समारोह में प्रधानमंत्री मोदी व केंद्रीय मंत्री पहुंचे.
  11. अटलजी सन 2007 में उपराष्ट्रपति चुनाव वोट डालने पहुंचे थे इस दौरान में व्हीलचेयर पर दिखे थे, साल 2007 के उत्तर के दौरान लखनऊ के लोगों नेअपने नेता को आखिरी बार देखा था, अटल जी आखिरी बार लखनऊ के चुनावी रैली में दिखे थे.
  12. भारत रत्न रत्न अटल बिहारी वाजपेई एक 2 साल नहीं जबकि करीब 8 साल से बिस्तर पर थे, अपनी ओजस्वी आवाज, शानदार भाषण को लेकर जनता के बीच लोकप्रिय वाजपेई साल 2005 में आखिरी बार किसी जनसभा को संबोधित करने गए थे, यह जनसभा मुंबई के शिवाजी पार्क में हुई थी.
  13. वाजपेई के भाषणों से पंडित नेहरू बेहद प्रभावित थे, कहा जाता है कि उन्होंने 1957 में यह नौजवान एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनेगा.
  14. 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई, उस समय 26 साल के युवा को इसका राष्ट्रीय सचिव बनाया गया, अटल बिहारी जी थे. 1967 में अटल जी महल 44 साल की उम्र में भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष बने.
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  15. अटल बिहारी वाजपेई 1977 में जनता पार्टी के मोरारजी देसाई की सरकार में भारत के विदेश मंत्री बने 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहने के दौरान दुनिया में भारत का मान बढ़ाया, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के 32 वे अधिवेशन मैं अटल जी का हिंदी में दिया गया भाषण आज भी याद किया जाता है.
  16. अटल बिहारी वाजपेई जब संयुक्त राष्ट्र संघ में जब हिंदी में बोलें उनके भाषण की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी.
  17. अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने मई 1998 में पोकरण मैं 5 परमाणु परीक्षण कराकर साबित कर दिया कि भारत दुनिया में किसी से कम नहीं है, पोखरण परमाणु परीक्षण के दौरान अमेरिकी सेटेलाइट और यूरोप के देशों को भनक तक नहीं लगी.
  18. पोकरण के परमाणु परीक्षण के बाद भारत को अमेरिका और जापान की तरह कई देशों के प्रतिबंध झेलने पड़े, विरोधी पार्टियों ने भी आलोचना की लेकिन अटल जी की सरकार ने तमाम पाबंदियों का मजबूती से सामना किया, पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद वाजपेई के नेतृत्व में देश की तरक्की की रफ्तार में कमी नहीं आई.
  19. वाजपेई जी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने 5 साल तक सरकार चलाई जब उन पर सत्ता का लोभी होने का आरोप लगा, तब अटल जी ने अपने विरोधियों को इसका कमाल करारा जवाब दिया.
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  20. अटल बिहारी वाजपेई जी ने विवाह नहीं किया था, उन्होंने अपना जीवन देश की भलाई के लिए एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक के रूप में आजीवन, अविवाहित रहने का संकल्प कर लिया था.
  21. अटल बिहारी वाजपेई जी ने पाकिस्तान के साथ संबंधों का नया आयाम दिया था, 19 फरवरी 1999 को सदा ए सरहद के नाम से दिल्ली से लाहौर कि बस सेवा शुरू की. इस सेवा का उद्घाटन करते हुए वाजपेई जी खुद पाकिस्तान गए और वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की.
  22. अटल बिहारी वाजपेई जितने बड़े राजनेता थे उतने ही बड़े कवि भी थे, उनके वीर रस की कविताओं से रोम रोम देश पर न्योछावर कर देने की प्रेरणा मिलती है.
  23. अटल बिहारी वाजपेई जी के संवेदनशीलता का कविताएं भी साथ देती है, भारत और पाकिस्तान के बंटवारे पर उनकी कविताएं हजारों सवाल पैदा करती है.
  24. अटल बिहारी वाजपेई जी की मशहूर कविता मेरी कविताएं संग्रह है, जिसमें से “गीत गाता हूं” उनकी सबसे मशहूर कविता है, अटल जी की कविताओं की दो म्यूजिक एल्बम जगदीश सिंह जी की आवाज में रिलीज हुए.
  25. अटल बिहारी वाजपेई जी ने पाञ्चजन्य, वीर अर्जुन समेत कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया. पत्रकार के तौर पर वाजपेई जी का उदारवादी चेहरा भी दिखता है.

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तो यह थी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की 25 जीवन कहानियां, आज अटल जी हमारे बीच में नहीं है लेकिन इस बात से बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है कि15 अगस्त 2018 को उन्होंने हार नहीं मानी, वह 1 दिन और मौत से लड़े सिर्फ हमारे तिरंगे के लिए,इससे हमें सीख लेनी चाहिए और यही हिम्मत है.

“मन के हारे हार है और मन के जीते जीत”

Post Author: lovendrashekhawat

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